नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित टेंडर घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद जैन ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के एक एसटीपी प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन समेत अन्य आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में ACB की ओर से जैन समेत चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की गई, जबकि एक अन्य आरोपी के लिए पुलिस हिरासत मांगी गई है।
वकील ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील एन हरिहरन ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने गिरफ्तारी के आधार की जानकारी नहीं दी। बचाव पक्ष का तर्क है कि इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुका है, लेकिन उस समय जैन की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। बचाव पक्ष के मुताबिक, ACB ने जैन को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था। जैन का कहना है कि उन्हें 41A के तहत जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था और उन्हें यह भरोसा था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
DJB के पूर्व CEO भी गिरफ्तार
ACB ने इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदित प्रकाश राय को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि एसटीपी प्रोजेक्ट की निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितताएं हुईं और इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। मामले की जांच में टेंडर प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
BJP ने AAP पर साधा निशाना
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोला है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि पिछली AAP सरकार के दौरान दिल्ली में जलमल शोधन संयंत्रों से जुड़े काम में गंभीर अनियमितताएं हुईं। बीजेपी का कहना है कि ACB की कार्रवाई से दिल्ली जल बोर्ड की टेंडर प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की गंभीरता सामने आती है।
AAP ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
वहीं, आम आदमी पार्टी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई करार दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव से पहले जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर AAP नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के नेताओं ने केंद्र और बीजेपी पर हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आखिर कब तक जारी रहेगी। AAP का दावा है कि बीजेपी राजनीतिक मुकाबले में एजेंसियों का सहारा ले रही है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद कोर्ट यह तय करेगा कि आरोपियों को किस तरह की हिरासत में रखा जाए।