नई दिल्ली: ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के शुरुआती दो स्टैंजा गाने और कांग्रेस शासित राज्यों में सभी छह स्टैंजा के गायन की बात सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
गोवा में दो स्टैंजा के गायन से शुरू हुआ विवाद
विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब गोवा कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम्’ के छह में से दो स्टैंजा ही गाए गए। बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर भी बीजेपी ने सवाल उठाए थे। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस को राष्ट्रगीत के पूरे स्वरूप और उसके सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
बीजेपी ने कांग्रेस से मांगी माफी
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका का दावा किया, उसके मौजूदा नेतृत्व की ओर से ‘वंदे मातरम्’ के प्रति ऐसा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में माफी मांगने की मांग की।
खरगे का पलटवार, बोले- कांग्रेस को देशभक्ति का पाठ न पढ़ाएं
बीजेपी के हमले पर मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को कांग्रेस को देशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। खरगे ने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब शाह बच्चे थे और अब उन्हें देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
खरगे ने दावा किया कि बीजेपी के पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए कांग्रेस को देशभक्ति की सीख नहीं दी जानी चाहिए।
बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज ने जताई नाराजगी
इस विवाद के बीच ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
उन्होंने अपने पत्र में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन के दौरान कथित तौर पर पैदा हुई असहज स्थिति पर भी सवाल उठाए।
लाल किले पर पहली बार हुआ पूरे संस्करण का गायन
वहीं, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली के लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।
अब ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शुरू हुई जुबानी जंग ने एक बार फिर राष्ट्रगीत को सियासी बहस के केंद्र में ला दिया है।