नई दिल्ली। दिल्ली में पैलेट गन मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को ‘राजनीतिक हताशा’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे की आड़ में सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचब के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। पुलिस से बातचीत के बाद वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके साथ साहिल और उनके परिजन भी मौजूद थे।
‘राहुल का धरना छात्रों या न्याय के लिए नहीं’
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन छात्रों या न्याय के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का नतीजा है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की घटना का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में है और अदालत ने जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर्ड कमेटी गठित की है। नड्डा ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच हो रही है तो राहुल गांधी पुलिस स्टेशन के बाहर धरना देकर क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या नेता प्रतिपक्ष को देश की न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है?
‘कैमरों के सामने बैठकर ड्रामा कर रहे राहुल’
बीजेपी अध्यक्ष ने राहुल गांधी के धरने को ‘कैमरा-सेंट्रिक ड्रामा’ बताया। उनका आरोप है कि राहुल गांधी सिर्फ मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए इस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं। नड्डा ने इस प्रदर्शन की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस समय ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विपक्ष के निशाने पर है और इसी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी ने नया विवाद खड़ा किया है।
पैलेट गन से घायल हुए थे साहिल लोचब
20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब को पैलेट गन से चोट लगी थी। उनके परिवार का दावा है कि उन्हें आंख और पेट के हिस्से में चोटें आईं, जिसके बाद उनका इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में कराया गया। आंख में गंभीर चोट के कारण उनकी रोशनी को लेकर भी परिवार ने चिंता जताई थी। राहुल गांधी इससे पहले भी साहिल से मुलाकात कर चुके हैं और मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा चुके हैं। अब FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर उनके थाने के बाहर धरने पर बैठने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।