वडोदरा: गुजरात के वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेगा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग उन्हें सुनने पहुंचे। ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने युवाओं, खासकर Gen-Z से संवाद किया। कार्यक्रम में उनका जोरदार स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने वडोदरा में करीब 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों की ओर से चलाए गए स्वच्छता और स्वागत अभियान की सराहना करते हुए वडोदरा के हर नागरिक को बधाई दी।
पीएम मोदी ने कहा कि वह विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए वडोदरा आए हैं। उन्होंने कहा, “थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, उसके लिए मैं वडोदरा के हर नागरिक को हृदय से बधाई देता हूं।”
2,800 किमी से ज्यादा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरा
पीएम मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को तेजी से विकसित हो रहे भारत की ‘जीवनरेखा’ बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने देश के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर को बदल दिया है। पहले यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए एक ही ट्रैक का इस्तेमाल होता था, जिससे दोनों की गति प्रभावित होती थी। अब अलग फ्रेट कॉरिडोर बनने से माल परिवहन में तेजी आई है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, आज ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर रोजाना 430 से अधिक मालगाड़ियां चल रही हैं। पहले एक मालगाड़ी को 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 6.30 घंटे लगते थे, जबकि अब यही दूरी आधे से भी कम समय में तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि वडोदरा ‘गतिशक्ति यूनिवर्सिटी’ का शहर है और अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी इससे जुड़ गई हैं। इसके साथ ही देश में 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है।
2014 के बाद काम को मिली रफ्तार: PM मोदी
प्रधानमंत्री ने फ्रेट कॉरिडोर की देरी को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस परियोजना पर 2004 में विचार शुरू हुआ था और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक काम आगे नहीं बढ़ सका। पीएम मोदी ने कहा, “फाइलें अटकती थीं, लटकती थीं और भटकती थीं। 2014 के बाद जब आपके आशीर्वाद से मैं दिल्ली पहुंचा, तो हमने इस परियोजना को गति देने का काम शुरू किया।” उन्होंने कहा कि आज ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार और कारोबार की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना बन चुके हैं।
डबल-स्टैक कंटेनर से 250 ट्रकों के बराबर माल की ढुलाई
पीएम मोदी ने फ्रेट कॉरिडोर के फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे किसानों और व्यापारियों को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुंबई के JNPT पोर्ट से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी चलाई गई, जिसमें एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल पहुंचाया गया। इस संदर्भ में पीएम मोदी ने अपने अंदाज में कहा कि कुछ लोग सवाल उठाएंगे कि इससे ट्रक वालों का क्या होगा, लेकिन ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग में वडोदरा की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के विजन में मैन्युफैक्चरिंग भी एक महत्वपूर्ण धारा है और वडोदरा इसकी क्षमता को लंबे समय से प्रदर्शित करता रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और उद्योग के बीच सहयोग का उदाहरण वडोदरा करीब 150 वर्षों से प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने शहर में बन रहे C-295 सैन्य परिवहन विमान का भी जिक्र किया और कहा कि इसकी पहली उड़ान वडोदरा के लिए गौरव का विषय है।
आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंच रही रेल
पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ देश में रेल नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को भी रेल संपर्क से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले रेल बजट में एक-दो ट्रेनों की घोषणा को भी लंबे समय तक उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाता था, जबकि अब देश में लगातार नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है। वडोदरा के कार्यक्रम में भी कई नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए देश को ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत है, जो सुगम होने के साथ-साथ तेज भी हो। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, कौशल और कनेक्टिविटी मिलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में गति देंगे।