नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के बाद राजधानी में PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ वकील अजीत कुमार सिन्हा ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर घटना की जानकारी दी है। रिपोर्ट में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास संचालित PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच और समयबद्ध ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है।
PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच की सिफारिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में छात्रों के रहने वाले ऐसे परिसरों की सुरक्षा को लेकर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था जरूरी है। खासतौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास चल रहे PG, निजी हॉस्टल और अन्य छात्र आवासों की समयसीमा तय करके जांच की जानी चाहिए। एमिकस क्यूरी ने भवन के नक्शे और निर्माण से लेकर बेसमेंट, जमीन के इस्तेमाल, इमारत की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा और आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्तों तक की जांच कराने की जरूरत बताई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जिन इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले पर सुप्रीम कोर्ट में दोपहर 2 बजे सुनवाई होने की संभावना जताई गई है। बताया जा रहा है कि एमिकस क्यूरी अदालत से मामले पर जल्द सुनवाई की मांग करेंगे।
2022 में भी गिर चुकी है इमारत
रिपोर्ट में सत्य निकेतन में पहले हो चुकी ऐसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। अप्रैल 2022 में भी इलाके में एक इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि चार लोग घायल हुए थे। इसके बाद अब एक बार फिर बहुमंजिला इमारत गिरने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 6 सितंबर को सत्य निकेतन के P-14 में दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत ढह गई थी। बताया गया कि बेसमेंट के अलावा इसमें चार मंजिलें थीं और यहां छात्रों के लिए ‘Hostel Daze’ नाम से बॉयज PG संचालित किया जा रहा था। हादसे के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। अब तक सात लोगों की मौत और कम से कम 12 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
छात्रों के बड़े ठिकाने के तौर पर विकसित हुआ सत्य निकेतन
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन लंबे समय से छात्रों के रहने के प्रमुख इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में PG और निजी हॉस्टल के अलावा मेस, दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट ने इलाके में भवनों की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। अब अदालत की सुनवाई में यह तय होना अहम होगा कि राजधानी के छात्र आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किस तरह के कदम उठाए जाते हैं।