राहुल गांधी की रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने भी विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेर रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने इसके जवाब में देश के कई शहरों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत मार्च और पदयात्राएं निकालीं। दिल्ली से लेकर हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और रांची तक बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस अभियान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तक शामिल हुए।
हैदराबाद में अमित शाह ने निकाली पदयात्रा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद पहुंचकर इस अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध भाग्य लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह निजाम कॉलेज पहुंचे, जहां से पदयात्रा की शुरुआत हुई। अमित शाह की यह पदयात्रा निजाम कॉलेज परिसर में स्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होकर मोजमजाही चौराहे तक निकाली जानी है। बीजेपी इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष के खिलाफ अपना राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
नितिन नवीन ने बिहार और बंगाल में संभाला मोर्चा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी देशव्यापी अभियान के तहत सक्रिय नजर आए। उन्होंने बिहार के भागलपुर में मार्च निकालकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हिस्सा लिया। इसके बाद वह कोलकाता पहुंचे। कोलकाता में नितिन नवीन ने कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक करीब दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। इस मार्च में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य भी शामिल हुए। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी मार्च में हिस्सा लिया।
मुंबई में भी सड़कों पर उतरे बीजेपी नेता और कार्यकर्ता
बीजेपी के इस अभियान का असर मुंबई में भी देखने को मिला। यहां पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने दादर स्थित शिवाजी पार्क से कामगार मैदान तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पार्टी नेताओं ने अभियान के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
1984 दंगा पीड़ितों के साथ दिल्ली बीजेपी का न्याय मार्च
दिल्ली में बीजेपी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों को लेकर मार्च निकाला। पार्टी की ओर से दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा बंगला साहिब से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब तक न्याय मार्च आयोजित किया गया। दरअसल, 1 नवंबर को राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के मौके पर रैली की थी। इसके अगले दिन बीजेपी ने पीड़ित परिवारों के साथ मार्च निकालकर न्याय और जवाबदेही का मुद्दा उठाया।
रांची में भी बीजेपी का प्रदर्शन
देशव्यापी अभियान के तहत झारखंड की राजधानी रांची में भी बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। पार्टी का यह अभियान राहुल गांधी की रैली के बाद विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपने राजनीतिक एजेंडे को जनता के बीच रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, राहुल गांधी की रैली के बाद बीजेपी ने कई राज्यों में एक साथ सड़क पर उतरकर अपनी ताकत दिखाई। एक तरफ कांग्रेस वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार को घेर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए विपक्ष पर जवाबी हमला कर रही है। इससे आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।