नई दिल्ली: सितंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बदलाव लेकर आई है। 1 सितंबर से देश में कुछ नए वित्तीय और नियम संबंधी बदलाव लागू हुए हैं, जिनका असर सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बजट पर पड़ सकता है। कहीं सीएनजी और दूध के दाम बढ़े हैं तो कहीं कार खरीदना महंगा हुआ है। हालांकि, विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन प्रक्रिया में राहत दी गई है। आइए जानते हैं सितंबर से लागू हुए पांच बड़े बदलावों के बारे में।
मुंबई में महंगा हुआ CNG, ऑटो-टैक्सी का किराया भी बढ़ा
मुंबई में सितंबर की शुरुआत सीएनजी उपभोक्ताओं के लिए महंगी रही। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। इसके बाद मुंबई में सीएनजी की नई कीमत 88 रुपये प्रति किलो हो गई है।
सीएनजी महंगी होने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। ईंधन की कीमत बढ़ने के बाद मुंबई में ऑटो और टैक्सी का किराया भी बढ़ गया है। इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी 1 रुपये प्रति SCM का इजाफा किया गया है।
वहीं, तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बदलाव किया है। इसके साथ ही LPG e-KYC कराने की तय समयसीमा भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें आगे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Tata और Hyundai की कारें हुईं महंगी
अगर आप सितंबर में नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो बजट थोड़ा बढ़ाना पड़ सकता है। टाटा मोटर्स ने अपनी कारों और SUV के कई वेरिएंट्स की कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। दूसरी ओर, हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस साल अपनी गाड़ियों की कीमतों में तीसरी बार इजाफा किया है। ऐसे में नई कार खरीदने वालों पर सितंबर की शुरुआत में ही अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
मुंबई में खुला दूध 9 रुपये प्रति लीटर महंगा
मुंबई में दूध की कीमतों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। हालांकि इसका असर पैकेट वाले दूध पर नहीं, बल्कि तबेलों से मिलने वाले खुले दूध पर पड़ा है। खुले दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद इसकी कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है। दूध कारोबारियों के मुताबिक पशुओं के चारे और रखरखाव की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में इजाफा किया गया है।
विदेश जाने वालों को इमिग्रेशन में राहत
महंगाई के बीच विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सितंबर की शुरुआत राहत लेकर आई है। अब विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टांप लगवाने की अनिवार्यता से राहत दी गई है। यात्री अब मोबाइल में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।
आम बजट पर सीधा असर
सितंबर से लागू हुए इन बदलावों में कुछ का असर सीधे घरेलू खर्च पर पड़ेगा। सीएनजी, दूध और कारों की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है। वहीं विदेश यात्रा करने वालों के लिए इमिग्रेशन नियम में बदलाव एक राहत के तौर पर सामने आया है।