नई दिल्ली। दिल्ली के आबकारी नीति घोटाले के आरोपित मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी की है कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी को लेकर अब भाजपा हमलावर है।
भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उन्हें ईमानदारी का प्रमाण पत्र देते रहे हैं लेकिन हाई कोर्ट की टिप्पणी के बाद से वह चुप हैं। इस घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि केजरीवाल व आम आदमी पार्टी के अन्य नेता आबकारी घोटाला को लेकर झूठ बोलते रहे हैं। कोई घोटाला नहीं होने का दावा करने वालों को बताना चाहिए कि यह नीति वापस क्यों ली गई और अबतक सिसोदिया जेल में क्यों हैं?
CBI की चार्जशीट में हवाला से पैसे भेजने का साक्ष्य
उन्होंने कहा कि सीबीआइ की चार्जशीट में हवाला से पैसे भेजने का साक्ष्य भी बताया गया है। भेजे गए नोट की भी जानकारी दी गई है। भ्रष्टाचार से जनता व मीडिया का ध्यान हटाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री राजनीतिक भ्रमण कर रहे हैं। उन लोगों का दरवाजे खटखटा रहे हैं जिसे वह भ्रष्टाचारी कहते थे। उनके संरक्षण में यह घोटाला हुआ है इसलिए उन्हें पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
सचदेवा ने कहा कि आप सांसद संजय सिंह पहले से आरोपित हैं। वह मीडिया को गुमराह कर रहे हैं कि उन्हें फंसाया जा रहा है। इस तरह के तथ्यहीन बयान देने की जगह आप नेताओं को भाजपा के सवालों का जवाब देना चाहिए। भाजपा कई बार पूछ चुकी है कि आबकारी नीति में बदलाव के लिए बैठक कहां पर हुई और किसके दबाव में शराब पीने वालों की उम्र कम करने व ज्यादा देर तक शराब की दुकानें खोलने के निर्णय लिए गए?