उज्जैन| मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार सुबह शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान तनाव फैल गया। सिंहस्थ 2028 से पहले सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत की जा रही इस कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान पथराव और धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मौके पर 2500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई से पहले ही इलाके में तनाव की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। इसी दौरान पुलिस और भीड़ के बीच टकराव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में करीब 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों पर पुलिस नजर बनाए हुए है।
कलेक्टर बोले- अफवाहों पर ध्यान न दें
जिला कलेक्टर रौशन कुमार ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के काम में स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों की ओर से सहयोग किया जा रहा है। उनके मुताबिक, क्षत्रिय चौक के पास सड़क के दायरे में आ रहे शाही मस्जिद के हिस्से को मस्जिद कमेटी और समुदाय से जुड़े लोग खुद हटा रहे हैं। कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
SP ने क्या बताया?
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के मुताबिक, मस्जिद कमेटी की ओर से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम किया जा रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके की घेराबंदी की गई थी और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। SP ने बताया कि कुछ लोगों ने पथराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और हल्के बल का इस्तेमाल किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत हो रहा सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को देखते हुए शहर में सड़क और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए 272 इमारतों को चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें शाही मस्जिद का वह हिस्सा भी शामिल है, जो प्रस्तावित सड़क के दायरे में आ रहा है। मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के मुद्दे पर मुस्लिम समुदाय के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आई हैं। एक पक्ष सड़क चौड़ीकरण के लिए निर्धारित हिस्से को हटाने के समर्थन में है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है।
अदालत में भी पहुंच चुका है मामला
शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में सुनवाई हुई है और सोमवार को भी मामले से संबंधित सुनवाई निर्धारित थी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में शांति बनाए रखने और सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ाने की है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।