नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव और वरिष्ठ कमांडर अली लारीजानी की इज़राइल के हवाई हमले में मौत हो गई है। ईरान ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए उन्हें “शहीद” घोषित किया है। इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपने नेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
हमले में कई और लोग मारे गए
तेहरान में सोमवार को हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में लारीजानी अपने बेटे मोर्तेजा लारीजानी, SNSC के डिप्टी अलीरेजा बायात और कई सुरक्षा कर्मियों के साथ मारे गए। इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने इस हमले को बड़ी सफलता बताते हुए पहले ही पुष्टि कर दी थी कि लारीजानी को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद देर रात ईरान ने भी उनकी मौत की पुष्टि कर दी।
राष्ट्रपति ने जताया गहरा शोक
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने लारीजानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें एक गुणी, दूरदर्शी और राष्ट्र के प्रति समर्पित नेता बताया। राष्ट्रपति ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को इसका “कड़ा जवाब” दिया जाएगा।
ईरानी नेतृत्व ने लारीजानी को एक ऐसी शख्सियत बताया जिसने देश की सुरक्षा, कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालिबाफ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन और अंत दोनों ही असाधारण थे।
ईरान का कड़ा रुख
लारीजानी की मौत के बाद ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि “खून का बदला खून से लिया जाएगा।” इसके जवाब में बुधवार तड़के ईरान ने इजरायल पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए। सरकारी मीडिया के अनुसार, इसे “मिसाइल हमलों की 61वीं लहर” बताया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव समेत इजरायल के कई इलाकों में इन हमलों से नुकसान हुआ और कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है। हालांकि, कुछ मिसाइलों को क्षेत्र के अन्य देशों द्वारा हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया।