पश्चिम बंगाल के मालदा हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने जांच National Investigation Agency (NIA) को सौंप दी है। आदेश मिलते ही NIA ने जांच शुरू कर दी और अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल बताया जा रहा है। इस मामले में राज्य पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए ISF उम्मीदवार शाहजहां अली समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस पूरे घटनाक्रम को राज्य को बदनाम करने की साजिश बताया है।
मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर वकील मोफक्करुल इस्लाम का नाम सामने आया है, जिसे पश्चिम बंगाल पुलिस ने बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह घटना के बाद भागने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद इस्लाम ने दावा किया कि वह किसी आंदोलन का नेतृत्व नहीं कर रहा था, बल्कि केवल वहां से गुजरते समय उसने भाषण दिया था। दरअसल, यह पूरा मामला मालदा जिले के कालियाचक इलाके का है, जहां बुधवार को सात न्यायिक अधिकारियों को उपद्रवियों ने करीब आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। स्थिति बिगड़ने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट के हस्तक्षेप से पुलिस ने अधिकारियों को सुरक्षित छुड़ाया।
सुनवाई के दौरान Dhananjaya Y. Chandrachud ने घटना को गंभीर बताते हुए इसे सुनियोजित साजिश करार दिया और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग चाहे तो मामले की जांच CBI या NIA को सौंप सकता है। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने NIA जांच के आदेश जारी कर दिए। अब इस मामले की जांच NIA द्वारा की जा रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।