आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) ने राज्यसभा में बड़ा बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल को डिप्टी लीडर नियुक्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पार्टी के कोटे का जो बोलने का समय पहले राघव चड्ढा को मिलता था, अब वह अशोक मित्तल को दिया जाए। पार्टी ने इस फैसले को रूटीन प्रक्रिया बताया है। इससे पहले एनडी गुप्ता भी इस पद पर रह चुके हैं।
इधर, राघव चड्ढा ने 2 मिनट 18 सेकेंड का वीडियो जारी कर इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सदन में आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं—जैसे मोबाइल डेटा की कीमतें, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, एयरपोर्ट पर महंगा खाना और डिलिवरी बॉय की समस्याएं। उनके मुताबिक इन मुद्दों को जनता का समर्थन मिला और कई मामलों में समाधान भी हुआ। राघव ने सवाल उठाया कि अगर वे जनता की आवाज उठा रहे थे, तो इससे पार्टी को क्या परेशानी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर चुप कराने की कोशिश की गई है और सदन में बोलने का अधिकार छीना गया है।
आम लोगों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार न समझें। मैं वो दरिया हूं, जो सैलाब ला सकता हूं।” राघव की यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व, खासकर अरविंद केजरीवाल की ओर इशारा मानी जा रही है। राघव ने अपने बयान के अंत में शायराना अंदाज में वापसी का संकेत भी दिया और कहा कि वे फिर मजबूती से जनता की आवाज उठाएंगे।