वैश्विक संकेतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। बाजार की शुरुआत भले ही सपाट रही, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसमें जोरदार उछाल दर्ज किया गया। सुबह 9:21 बजे बीएसई सेंसेक्स 393.23 अंकों की बढ़त के साथ 78,913.53 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 102.55 अंक चढ़कर 24,467.40 पर कारोबार करता नजर आया।
इससे पहले, सुबह 9:15 बजे सेंसेक्स 37.13 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 78,557.43 पर खुला था, जबकि निफ्टी हल्की गिरावट के साथ 24,364.60 पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार में तेजी का रुख मजबूत होता गया। निफ्टी में तेजी के प्रमुख शेयरों में अदानी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, इंफोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टीसीएस और एचडीएफसी लाइफ के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इस बीच, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव देखा गया। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 16 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.32 पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह डॉलर की मजबूती और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रा सट्टेबाजी से जुड़ी पाबंदियों में ढील मानी जा रही है।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 93.25 पर खुला और 93.37 के स्तर तक गिरने के बाद 93.32 पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले सोमवार को रुपया 25 पैसे की गिरावट के साथ 93.16 पर बंद हुआ था, हालांकि उससे पहले के दो सत्रों में इसमें कुल 47 पैसे की मजबूती आई थी।
एशियाई बाजारों की बात करें तो यहां मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशकों में सतर्कता बनी रही। तेल की कीमतों में हल्की गिरावट आई, लेकिन ब्रेंट क्रूड अब भी 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.1% बढ़कर 59,485.54 पर पहुंच गया, जिसमें टेक कंपनियों के शेयरों ने बढ़त बनाई। सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में भी 5.5% की तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.8% उछला, जबकि ताइवान का Taiex इंडेक्स 1.7% चढ़ा।
हालांकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.1% गिरा और शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स में 0.3% की कमजोरी देखी गई। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आ रहा है, जिसे विदेशी निवेश और बैंकिंग शेयरों की खरीदारी का सहारा मिल रहा है।