अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump के कार्यकाल के दौरान एक बड़ा स्वास्थ्य घोटाला सामने आया है। इस मामले में संघीय जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation (एफबीआई) ने कैलिफोर्निया में कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली में 5 करोड़ डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी की। एफबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी फर्जी “हॉस्पिस केयर” केंद्र चला रहे थे। ये केंद्र कागजों पर मरीजों की देखभाल दिखाते थे, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता था। इसके बदले वे सरकारी स्वास्थ्य योजना मेडिकेयर से पैसे वसूल रहे थे और लंबे समय से इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गठित एक विशेष कमेटी के बाद की गई, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे थे। अमेरिका के कार्यवाहक अटॉर्नी Bill Essayli ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तीन नर्स, एक काइरोप्रैक्टर और एक मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। ये लोग ऐसे मरीजों को हॉस्पिस सेवाओं का लाभार्थी दिखाते थे, जो गंभीर रूप से बीमार नहीं थे, और उनके नाम पर फर्जी बिल बनाकर पैसे निकालते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब इन केंद्रों में मरीजों की जीवित रहने की दर सामान्य 17 प्रतिशत की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, हॉस्पिस केयर आमतौर पर जीवन के अंतिम चरण के मरीजों के लिए होती है, इसलिए वहां इतनी अधिक जीवित रहने की दर असामान्य मानी जाती है।
गिरफ्तार लोगों में ग्लैडविन और एमेलो गिल नामक दंपति भी शामिल हैं, जो एक हॉस्पिस कंपनी के मालिक बताए जा रहे हैं। एफबीआई के अनुसार, दक्षिणी कैलिफोर्निया क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी के मामलों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां इस तरह की गतिविधियों से हर साल अरबों डॉलर का नुकसान होता है, जिसका बोझ अंततः करदाताओं पर पड़ता है।