रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत पर किसी भी तरह के प्रतिबंध या दबाव की कोशिश उल्टा असर डाल सकती है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश मजबूत और आत्मनिर्भर नीति के साथ आगे बढ़ रहा है।
‘भारत खुद तय करता है क्या सही है’
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और वह अपने लिए सबसे आधुनिक और उपयुक्त विकल्प चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश रूस को यह निर्देश नहीं दे सकता कि भारत को क्या आपूर्ति करनी है और क्या नहीं।
पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते किसी राजनीतिक दबाव या वैश्विक उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होते। दोनों देशों के बीच सहयोग भरोसे और दीर्घकालिक साझेदारी पर आधारित है।
BRICS बनाम G7 पर भी बोले पुतिन
अपने संबोधन में पुतिन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक ताकत के मामले में BRICS देशों ने G7 समूह को पीछे छोड़ दिया है। पुतिन के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक GDP वृद्धि में BRICS देशों का योगदान सबसे ज्यादा रहा है, जबकि पश्चिमी देशों की हिस्सेदारी लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकासशील देश वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे।
डिजिटल सेक्टर में भारत की तारीफ
रूसी राष्ट्रपति ने भारत के IT और डिजिटल सेक्टर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के प्रमुख सॉफ्टवेयर और तकनीकी केंद्रों में शामिल है और वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। पुतिन ने भारत को रूस का भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध आगे भी इसी तरह मजबूत बने रहेंगे।