पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक गुरुद्वारे के भीतर सिख बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस मामले को लेकर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को मरदान जिले के बाबू मोहल्ला क्षेत्र स्थित एक गुरुद्वारे में अज्ञात हमलावरों ने सिख सेवादार जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती पर गोलीबारी कर दी। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि पाकिस्तान में सिख पहले से ही एक अल्पसंख्यक समुदाय हैं और इस प्रकार की घटनाएं उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने की मांग की। गड़गज ने कहा कि जिस गुरुद्वारे में प्रतिदिन मानवता और कल्याण की अरदास की जाती है, वहां निर्दोष लोगों की हत्या होना मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने इस दोहरे हत्याकांड के पीछे के कारणों का पारदर्शी खुलासा करने की भी मांग की।
वहीं, भाजपा नेता तरुण चुघ ने इस घटना को “बर्बर और बेहद चिंताजनक” बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसक घटनाएं पाकिस्तान सरकार की विफलता को उजागर करती हैं।
चुघ ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से मामले का संज्ञान लेने तथा पाकिस्तान सरकार को जवाबदेह ठहराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की देरी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हमलावरों की तलाश जारी है।