नई दिल्ली। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। संगठन के प्रमुख मसूद अजहर के बड़े भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस जानकारी की पुष्टि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने की है, हालांकि उसकी मौत के कारणों को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, ताहिर अनवर संगठन के भीतर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था और लंबे समय से उसकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था। खबर है कि उसे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय में दफनाया गया।
ताहिर अनवर को जैश-ए-मोहम्मद के शुरुआती और प्रमुख सदस्यों में गिना जाता था। वह अपने भाई मसूद अजहर के साथ वर्ष 2000 में इस संगठन की स्थापना से जुड़ा हुआ था। शुरुआत में वह पाकिस्तान में मुर्गी पालन का काम करता था, लेकिन बाद में आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन गया।
संगठन में उसकी जिम्मेदारी सैन्य मामलों की कमान संभालने की थी। वह आतंकियों की भर्ती, उनकी ट्रेनिंग और नए प्रशिक्षण शिविरों की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाता था। बताया जाता है कि वह पर्दे के पीछे रहकर काम करता था और कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया।
जिस स्थान पर उसकी मौत हुई, उसे भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी जगह पर 25 अक्टूबर 2025 को महिला जिहादी इकाई की शुरुआत की गई थी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जैश ने ‘जमात-उल-मोमिनत’ नाम से महिला विंग बनाई थी, जिसमें भर्ती महिलाओं को ट्रेनिंग देने में ताहिर की अहम भूमिका बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ताहिर अनवर की मौत से जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि वह संगठन के संचालन में एक प्रमुख कड़ी माना जाता था।