नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 35 वर्षीय बालेंद्र शाह उर्फ बालेन ने देश के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। रामचंद्र पौडेल ने उन्हें संविधान के अनुच्छेद 76(1) के तहत पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह शीतल निवास में आयोजित किया गया, जहां बालेन शाह के साथ उनके मंत्रिमंडल ने भी पद की शपथ ली। यह समारोह परंपराओं और आधुनिकता का अनोखा संगम रहा।
भव्य शपथ समारोह में दिखी परंपरा की झलक
शुक्रवार दोपहर 12:34 बजे आयोजित इस समारोह में बालेन शाह पारंपरिक नेपाली टोपी में नजर आए। शपथ ग्रहण हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत सात शंखनादकों द्वारा शंखध्वनि के साथ हुई। यह परंपरा शुभता और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।
मंच पर कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इस दौरान उनकी पत्नी सबीना और बेटी भी मंच पर दिखीं। एक भावुक पल तब देखने को मिला जब बालेन शाह ने अपनी बेटी को गोद में उठाया—यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।
चुनाव में ऐतिहासिक जीत
बालेन शाह की पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को उनके गढ़ झापा-5 में हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया।
युवा चेहरा, नई उम्मीदें
नेपाल की राजनीति में बालेन शाह एक उभरते हुए युवा नेता के रूप में सामने आए हैं। खासकर युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है। ‘Gen-Z’ में उन्हें लेकर खास उत्साह देखा गया और लंबे समय से उन्हें प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग उठ रही थी।
इंजीनियर से प्रधानमंत्री तक का सफर
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से बैचलर डिग्री हासिल की थी।
इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के चलते उन्हें शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक वर्क्स की गहरी समझ है। यही अनुभव काठमांडू महानगर के मेयर के रूप में उनके कामकाज में भी झलका और अब देश की बागडोर संभालने में अहम भूमिका निभाएगा।