अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। दोनों देशों के बीच अब तक किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। इसी कड़ी में सोमवार (20 अप्रैल) को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दूसरे दौर की अहम वार्ता होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, बातचीत से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और धमकियों का दौर तेज हो गया है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर से हमला करने की चेतावनी दी है, तो वहीं ईरान ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें झूठा बताया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक घंटे में सात दावे किए और सभी के सभी गलत थे। गालिबफ ने साफ कहा कि झूठ के सहारे न तो युद्ध जीता जा सकता है और न ही बातचीत में सफलता मिल सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव
गालिबफ ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका की ओर से नाकेबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला नहीं रहेगा। वहां से गुजरने वाले जहाजों को तय मार्ग और ईरान की अनुमति का पालन करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज खुला रहेगा या नहीं, इसका फैसला जमीनी हालात के आधार पर होगा, न कि सोशल मीडिया के बयानों से।
हालांकि, इजरायल और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद ईरान ने यह भी ऐलान किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है।
ट्रंप के दावों पर विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका के साथ मिलकर देश से बाहर भेजेगा। हालांकि, ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने स्पष्ट कहा कि देश का एनरिच्ड यूरेनियम कहीं भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।
‘फिर बमबारी’ की धमकी
इस बीच ट्रंप ने एक बार फिर सख्त लहजे में कहा है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही वे बातचीत को आगे बढ़ाएं या नहीं, लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी दोबारा शुरू की जा सकती है।