मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष और ईंधन संकट के बीच अमेरिका ने अपने फैसले से एक बार फिर यू-टर्न ले लिया है। अमेरिका ने रूसी तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर दी गई छूट को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है। नए फैसले के तहत समुद्र में पहले से लदे रूसी तेल को अब 16 मई तक खरीदा जा सकेगा।
इस कदम को भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारतीय रिफाइनरियां सस्ता रूसी तेल खरीदना जारी रख सकेंगी। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
दरअसल, रूसी तेल पर छूट की अवधि 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा था कि इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। लेकिन अब ट्रंप प्रशासन ने अपने रुख में बदलाव करते हुए इसे एक महीने के लिए बढ़ा दिया है।
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 17 अप्रैल तक जहाजों में लोड किए जा चुके रूसी तेल को 16 मई तक खरीदने की अनुमति दी है। इसके लिए देर रात नया लाइसेंस भी जारी किया गया। हालांकि, यह राहत केवल रूस के तेल तक सीमित है। ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया के तेल को इस छूट से बाहर रखा गया है।
तेल संकट के बीच बड़ा फैसला
माना जा रहा है कि यह फैसला मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट को देखते हुए लिया गया है। ईरान के साथ टकराव के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ऐसे में अमेरिका ने सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को स्थिर करने के लिए यह कदम उठाया है।
अमेरिका ने इससे पहले 12 मार्च 2026 को रूसी तेल पर अस्थायी छूट दी थी, जो 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। इस दौरान भारत समेत कई देशों ने पहले से लदे रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखी।
भारत ने रिकॉर्ड खरीदा रूसी तेल
इंटेलिजेंस फर्म Kpler के मुताबिक, मार्च में भारत ने रूस से रोजाना औसतन 1.98 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा, जो जून 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। वहीं, अप्रैल डिलीवरी के लिए भारत ने करीब 60 मिलियन बैरल रूसी तेल का ऑर्डर दिया है।
इस बीच, भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भरोसा दिलाया है कि रूस भारत को ऊर्जा आपूर्ति और बढ़ाएगा। इसमें कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी शामिल हैं। उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि रूस भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान ने खोला होर्मुज स्ट्रेट
दूसरी ओर, ईरान ने सीजफायर के बीच होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का ऐलान किया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि सभी कमर्शियल जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। यह फैसला क्षेत्र में सीजफायर के बाद लिया गया है।