नई दिल्ली। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के भीतर कई अहम ठिकानों पर हमले किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य ईरान में काशान के पास स्थित याह्याबाद रेलवे ब्रिज को निशाना बनाया गया, जिसमें दो लोगों की मौत और तीन अन्य के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा तेहरान के दक्षिण में क़ोम शहर के पास और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में तबरीज़–ज़ंजन हाईवे पर स्थित पुल पर भी हमले किए गए।
इन घटनाओं के बीच, अमेरिका की ओर से ईरान को एक निर्धारित समयसीमा के भीतर समझौते का प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए कहा गया था। यह समयसीमा भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह समाप्त होने वाली थी, जिसके पहले ही सैन्य गतिविधियां तेज होती दिखाई दीं।
ईरान के खार्ग द्वीप, जो देश का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र माना जाता है, पर भी हमले की खबर है। स्थानीय लोगों ने फारस की खाड़ी की दिशा से तेज विस्फोटों की आवाज सुनी। हालांकि, नुकसान का पूरा आकलन अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र को गंभीर क्षति पहुंचती है, तो इसका असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इज़राइल की चेतावनी के बाद मशहद शहर में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक सड़क परिवहन की व्यवस्था की है। इससे पहले नागरिकों को रेलवे नेटवर्क से दूर रहने की सलाह दी गई थी।
दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संकेत दिया है कि उनकी कार्रवाई अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो ऊर्जा से जुड़े ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।