नई दिल्ली। ईरान ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। तेहरान में हुए अमेरिका-इजरायल के एयरस्ट्राइक में लारीजानी मारे गए। इससे पहले इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने उन्हें निशाना बनाने की बात कही थी, जिसे अब ईरान ने भी स्वीकार कर लिया है।
ईरान के लिए बड़ा झटका
अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच लारीजानी की मौत को ईरान के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद वे देश की सुरक्षा, रक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों में बेहद प्रभावशाली माने जाते थे। उन्हें पर्दे के पीछे से रणनीतिक निर्णय लेने वाला प्रमुख चेहरा माना जाता था।
हमले में कई और लोग मारे गए
इस हमले में लारीजानी के बेटे मोर्तजा लारीजानी, उनके कार्यालय प्रमुख अलीरेजा बयात और कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार हमला तेहरान के बाहरी इलाके में उनकी बेटी के घर पर हुआ, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह हमला एक बैठक के दौरान किया गया। इस हमले में बसिज फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी की मौत की भी खबर है।
ईरान का शोक संदेश
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अली लारीजानी ने इस्लामिक क्रांति और देश की प्रगति के लिए जीवनभर संघर्ष किया और अंततः शहादत प्राप्त की।
कौन थे अली लारीजानी
अली लारीजानी ईरान के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते थे। उनके भाई सादेक लारीजानी न्यायपालिका प्रमुख रह चुके हैं, जबकि मोहम्मद जवाद लारीजानी विदेश नीति से जुड़े वरिष्ठ पदों पर रहे हैं। वे 2008 से 2020 तक ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर रहे और बाद में सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव बने। वे अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सलाहकारों में भी शामिल थे।