नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक खास मुलाकात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक संवाद कार्यक्रम में हिंदू धर्मगुरु जगद्गुरु सतीशाचार्य से मुलाकात की। इस दौरान पेजेशकियान ने झुककर जगद्गुरु के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया। मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ईरानी राष्ट्रपति और जगद्गुरु सतीशाचार्य के बीच बातचीत होती दिखाई दे रही है। बातचीत के दौरान पेजेशकियान ने झुककर उनके पैर छुए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया।कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक मूल्यों, मानवता और धर्म की भूमिका को लेकर भी विचार साझा किए गए। जगद्गुरु सतीशाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म पूरी दुनिया को मानवता और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। उनके मुताबिक, सनातन की मूल भावना सभी लोगों को एक परिवार के रूप में देखने की है।
‘धर्म की जय, किसी धर्म की जय नहीं’
जगद्गुरु सतीशाचार्य ने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म इंसान को एकजुट रहना सिखाता है। उन्होंने कहा कि सनातन की सोच किसी एक धर्म की विजय की बात नहीं करती, बल्कि ‘धर्म की जय’ की बात करती है।उन्होंने कहा कि समाज में रहने वाले सभी प्राणियों के बीच सद्भावना होनी चाहिए। उनके मुताबिक, सनातन धर्म का संदेश केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जीव के प्रति करुणा और सद्भाव की भावना रखने की सीख देता है।कार्यक्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी धर्म की भूमिका पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक शिक्षाओं का उद्देश्य मानवता की रक्षा करना और समाज में न्याय स्थापित करना होना चाहिए। पेजेशकियान की जगद्गुरु से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी है। ऐसे में दोनों के बीच हुई यह बातचीत भी चर्चा का विषय बन गई।
BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए हैं पेजेशकियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। सम्मेलन के दौरान उन्होंने कई देशों के नेताओं से मुलाकात की है। भारत यात्रा के दौरान भारत-ईरान संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी बातचीत हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई पिछली बातचीत को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स से जुड़ी विभिन्न बैठकों में ईरान की सक्रिय भागीदारी के लिए पेजेशकियान का आभार जताया। इसमें ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक भी शामिल रही।
समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर भी भारत का जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने की भारत की नीति दोहराई। उन्होंने समुद्री मार्गों से आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने के साथ ही समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। ब्रिक्स सम्मेलन के बीच पेजेशकियान और जगद्गुरु सतीशाचार्य की मुलाकात ने धार्मिक संवाद और आपसी सद्भाव से जुड़े पहलू को भी सुर्खियों में ला दिया है।