अयोध्या। अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे, जहां वह राम मंदिर में दर्शन और साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज बनी हुई है। अयोध्या रवाना होने से पहले केजरीवाल ने मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में बड़ी आर्थिक गड़बड़ी के आरोप हैं, तो सबसे पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उनके मुताबिक, बिना एफआईआर के गठित जांच टीम की वैधानिक स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने दावा किया कि विभिन्न रिपोर्टों में मंदिर से जुड़े दान और कीमती वस्तुओं के गायब होने की बातें सामने आई हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। आप संयोजक ने यह भी कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सामान्य तौर पर एफआईआर के बाद ही विशेष जांच टीम का गठन किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा एसआईटी केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और इसके अधिकारों को लेकर भी स्पष्टता नहीं है।
केजरीवाल के अनुसार, यदि मामले में कथित तौर पर बड़ी रकम और दान सामग्री की गड़बड़ी हुई है, तो जांच एजेंसियों को खुलकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। बताया जा रहा है कि अयोध्या प्रवास के दौरान केजरीवाल राम मंदिर के साथ-साथ हनुमानगढ़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना करेंगे और स्थानीय संतों से मुलाकात करेंगे।