नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। भारत मंडपम में होने वाली इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत BRICS देशों के प्रमुख नेता एक मंच पर नजर आएंगे। वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से इस सम्मेलन को बेहद अहम माना जा रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच क्लोज्ड डोर सेशन होगा, जिसमें वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक सहयोग और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर चर्चा होने की उम्मीद है। वहीं, देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में नेताओं के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया जाएगा।
मोदी-जिनपिंग की अहम मुलाकात
BRICS सम्मेलन के इतर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात भी प्रस्तावित है। करीब सात साल बाद शी जिनपिंग के भारत दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने, सीमा से जुड़े तनाव को कम करने और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा व्यापार असंतुलन को कम करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी दोनों नेता बातचीत कर सकते हैं।
लगातार तीसरे साल आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि भारत और चीन दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक की तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कज़ान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद यह लगातार तीसरा साल होगा, जब प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बातचीत करेंगे। चीनी राजदूत ने कहा कि चीन दोनों नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन को लागू करने, द्विपक्षीय संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने, संवाद बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने के लिए भारत के साथ काम करना चाहता है। उन्होंने मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और दोनों देशों के बीच अच्छे पड़ोसी संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
पुतिन से मिले मलेशियाई पीएम
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। BRICS सम्मेलन में भारत, चीन और रूस के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के बीच इन बैठकों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन बदलते वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।