महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह SIT ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले की निगरानी में जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और डीजीपी सदानंद दाते से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
इधर, पेपर लीक मामले में पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में बड़े नेटवर्क की आशंका सामने आ रही है। इसी वजह से पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।
ठाणे पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग TET परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने के लिए भिवंडी इलाके में आने वाले हैं। इसके बाद कोंगांव क्षेत्र में जाल बिछाकर पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, नकदी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और TET परीक्षा के चार प्रश्नपत्र बरामद किए गए।
बाद में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जब्त किए गए प्रश्नपत्रों की जांच की, जिसमें पुष्टि हुई कि ये 28 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के असली पेपर थे। इसके बाद पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक दुधे ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने भी मामले को गंभीर मानते हुए 28 जून को होने वाली TET परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होनी थी।
पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद लाखों अभ्यर्थियों में नाराजगी है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।