नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। सुबह 11 बजे प्रसारित इस कार्यक्रम में उन्होंने कारगिल विजय दिवस, भारत की रक्षा क्षमता, जल संरक्षण, खेल, अंतरिक्ष क्षेत्र और महिला उद्यमिता सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई ऐसी तारीख है जिसे याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारतीय नौसेना में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि को शामिल किया गया, जिसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। उन्होंने डीआरडीओ द्वारा पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी जिक्र किया। साथ ही बताया कि इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिससे भारतीय रक्षा तकनीक पर वैश्विक भरोसा बढ़ा है।
जल संरक्षण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई से देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास किसी तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लेने और पानी की हर बूंद बचाने का आह्वान किया।
खेल जगत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पीवी सिंधु को जापान ओपन बैडमिंटन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर बधाई दी। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स में पहली टेस्ट जीत को भी ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने केरल के एर्णाकुलम जिले के एक स्कूल में चल रहे ‘अक्षरकंदुक’ प्रोजेक्ट की भी सराहना की। इस पहल के तहत संस्कृत के अक्षरों को फुटबॉल से जुड़े शब्दों के माध्यम से रोचक तरीके से सिखाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहले रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के लिए स्पेस सेक्टर खोलने का निर्णय युवाओं की प्रतिभा को अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव की महिलाओं द्वारा तैयार ‘विदुर प्रेरणा हर्बल टी’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मात्र एक लाख रुपये से शुरू हुई यह पहल आज एक सफल ब्रांड बन चुकी है और विदेशों तक अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उद्यमिता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।