नई दिल्ली। दिल्ली दंगा 2020 मामले में आरोपी उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनकी मां की सर्जरी को देखते हुए तीन दिन की अंतरिम जमानत मंजूर की है। कोर्ट के आदेश के अनुसार उमर खालिद 1 जून 2026 से 3 जून 2026 तक निर्धारित शर्तों के साथ जेल से बाहर रह सकेंगे।
मामले की सुनवाई जस्टिस Prathiba M. Singh और जस्टिस Madhu Jain की बेंच ने की। अदालत ने कहा कि जमानत केवल सीमित अवधि और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है।
उमर खालिद ने हाई कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में 15 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी। उन्होंने अदालत को बताया था कि 2 जून को उनकी मां की सर्जरी होनी है और उन्हें ऑपरेशन से पहले और बाद में परिवार के साथ रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने अपने दिवंगत चाचा के चेहल्लुम में शामिल होने की भी अनुमति मांगी थी।
इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 19 मई को उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पाइस ने उमर खालिद की ओर से दलील देते हुए कहा कि उन्हें पहले भी पारिवारिक कारणों से अंतरिम राहत मिल चुकी है।
वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने जमानत का विरोध किया। पुलिस का कहना था कि सर्जरी सामान्य प्रकृति की है और परिवार के अन्य सदस्य भी उनकी मां की देखभाल के लिए मौजूद हैं।
हालांकि अदालत ने सीमित अवधि के लिए राहत देते हुए कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक उमर खालिद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे और उन्हें अपने तय पते पर ही रहना होगा। उन्हें केवल अस्पताल जाने की अनुमति होगी और वह सिर्फ एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर सकेंगे।