नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड स्कीम पर बड़ा फैसला देते हुए इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि चंदे की जानकारी न देना असंवैधानिक है। इसके साथ ही यह सूचना के अधिकार का उल्लंघन भी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड योजना की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा, “काले धन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सूचना के अधिकार का उल्लंघन उचित नहीं है। चुनावी बांड योजना सूचना के अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है। राजनीतिक दलों के द्वारा फंडिंग की जानकारी उजागर न करना उद्देश्य के विपरीत है।”
I think Modi must asked to resign since the Electoral Bonds was his crazy idea and became a big scandal that hurt the BJP’s claim to fight corruption. For the sake of the Party, Modi must resign. https://t.co/jLVDi7ODAv
— Subramanian Swamy (@Swamy39) February 15, 2024
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वोटर्स को यह जानने का हक है कि पार्टियों को किसने चंदा दिया है। केंद्र सरकार की चुनावी बॉन्ड योजना की कानूनी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का कहना है कि दो अलग-अलग फैसले हैं। एक उनके द्वारा लिखा गया और दूसरा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना द्वारा और दोनों फैसले सर्वसम्मत हैं।
उधर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पीएम मोदी से इस्तीफा देने की मांग की है। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ”मुझे लगता है कि मोदी को इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए क्योंकि चुनावी बांड पागलपन भरा विचार था और एक बड़ा घोटाला बन गया, जिसने भ्रष्टाचार से लड़ने के भाजपा के दावे को नुकसान पहुंचाया। पार्टी की खातिर मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए। “