नोएडा: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में पेपर लीक विवाद के बाद पहले से ही सवालों के घेरे में चल रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अब सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा के दौरान तकनीकी अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों के गुस्से का सामना करना पड़ा। नोएडा के कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी, जिससे अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
नोएडा सेक्टर-64 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पहली शिफ्ट की परीक्षा तकनीकी कारणों से स्थगित करनी पड़ी। वहीं दूसरी शिफ्ट, जो दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी, करीब एक घंटे की देरी से शाम 4 बजे शुरू हुई। लंबे इंतजार और स्पष्ट जानकारी के अभाव में छात्रों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन करते हुए एनटीए के खिलाफ नारेबाजी की।
NTA ने मांगी असुविधा के लिए माफी
घटना के बाद एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करते हुए बताया कि तकनीकी समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीसीएस की ओर से आई थी। एजेंसी के अनुसार अब समस्या का समाधान कर लिया गया है और सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को पूरा प्रतिपूरक समय दिया जा रहा है, ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो।
एनटीए ने दूसरी शिफ्ट के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग दोपहर 2:30 बजे होगी, जबकि परीक्षा शाम 4 बजे शुरू की जाएगी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सुबह की शिफ्ट के छात्रों को भी प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय दिया गया और परीक्षा समाप्त होने तक उन्हें केंद्र से बाहर नहीं जाने दिया गया। कई छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर परीक्षा में हुई देरी और केंद्रों पर उचित सूचना न मिलने की शिकायत की। उनका कहना था कि घंटों इंतजार के बावजूद प्रशासन की ओर से स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
शुरुआत से ही चुनौतियों का सामना कर रही है CUET-UG
सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET-UG) की शुरुआत वर्ष 2022 में देशभर के केंद्रीय, राज्य और कुछ निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए की गई थी। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। हालांकि, शुरुआत से ही परीक्षा कई परिचालन और तकनीकी समस्याओं से जूझती रही है। इनमें अंतिम समय में परीक्षा केंद्र बदलना, परीक्षा शुरू होने में देरी, सर्वर और लॉगिन फेल होने जैसी तकनीकी दिक्कतें, कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने की घटनाएं और एडमिट कार्ड संबंधी भ्रम जैसी शिकायतें शामिल रही हैं। बार-बार सामने आ रही इन समस्याओं ने छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रबंधन की विश्वसनीयता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।