पटना। बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार की ओर से आवास खाली करने के निर्देश मिलने के बाद राबड़ी देवी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति में ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित आवास नहीं छोड़ेंगी।
दिल्ली में पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पटना पहुंचीं राबड़ी देवी ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल किया जाए, वह सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी।
राबड़ी देवी के इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने उनके रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि सभी नागरिकों की तरह पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी कानून और नियमों का पालन करना चाहिए।
बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को लेकर निर्धारित नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी को भी विशेष छूट नहीं मिल सकती। पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
उधर, बिहार सरकार में शामिल जेडीयू नेताओं ने भी साफ किया है कि इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी, वह पूरी तरह नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। उनका कहना है कि सरकारी आवासों के आवंटन और खाली कराने से जुड़े प्रावधान पहले से तय हैं और सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
इस बीच, राबड़ी देवी के बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और आवास विवाद का समाधान किस तरह निकलता है।