पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए तृणमूल कांग्रेस को करारा झटका दिया है। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए CPI(M) के उम्मीदवार शंभुनाथ कुर्मी को भारी अंतर से हराया। जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने फलता की जनता का आभार जताते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के जरिए जनता का कर्ज चुकाया जाएगा।
फलता सीट पर देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि CPI(M) के शंभुनाथ कुर्मी को 40,645 वोट हासिल हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 1,09,021 वोटों का रहा। मतगणना के दौरान शुरुआत से ही बीजेपी बढ़त बनाए रही और अंत तक यह अंतर लगातार बढ़ता गया। इस चुनावी नतीजे का सबसे बड़ा नुकसान सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress को हुआ। TMC उम्मीदवार जहांगीर खान बेहद कम वोटों पर सिमट गए और उनकी जमानत जब्त होने की भी चर्चा है। जिस सीट पर 2021 में TMC ने जीत दर्ज की थी, वहां इस बार पार्टी पूरी तरह मुकाबले से बाहर नजर आई।
फलता मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है और ऐसे क्षेत्र में बीजेपी की यह बड़ी जीत राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। बीजेपी नेताओं ने इसे जनता की बदलाव की इच्छा और विकास के मुद्दों पर मिला समर्थन बताया है। 2021 में यहां TMC के शंकर कुमार नशकर विजयी हुए थे, लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह बदल गए। वहीं, CPI(M) का दूसरे स्थान पर पहुंचना वाम दलों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला तीसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में कांग्रेस और TMC दोनों को नुकसान उठाना पड़ा।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर 21 मई 2026 को फलता के सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया था। इस बार सीट पर 88.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के 87.2 प्रतिशत मतदान से अधिक रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक फलता का यह नतीजा 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। TMC के मजबूत गढ़ में बीजेपी की सेंध से पार्टी का मनोबल बढ़ा है और आने वाले चुनावों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।