नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका सामने आया है। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में विलय को राज्यसभा के सभापति ने मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
इन सांसदों के शामिल होने के बाद राज्यसभा में बीजेपी की कुल संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जिसमें 5 मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं।
इस घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी की स्थिति राज्यसभा में कमजोर हो गई है और बीजेपी को स्पष्ट बढ़त मिल गई है। विलय से पहले राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर पार्टी छोड़ने के कारण बताए थे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी के भीतर काम करने का माहौल ‘जहरीला’ हो गया है। उनके अनुसार, पार्टी में नेताओं को काम करने और संसद में बोलने तक से रोका जाता है, और अब यह कुछ ‘समझौता कर चुके’ लोगों के हाथों में सिमट गई है, जो निजी हितों के लिए काम कर रहे हैं।