लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान एक बार फिर अपने भतीजे और पार्टी से बाहर किए जा चुके आकाश आनंद पर निशाना साधा। मायावती ने दावा किया कि उनके बीमार होने की अफवाहें जानबूझकर फैलाई जा रही थीं, जिसके बाद उन्होंने खुद मीडिया के सामने आने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के हित में हाल में लिए गए उनके फैसलों से संगठन को फायदा हो रहा है और इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।
बीमारी की अफवाह पर सफाई देने खुद मीडिया के सामने आईं मायावती
मायावती ने कहा कि पिछले कुछ समय से वह कई मुद्दों पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखती रही हैं। इसी वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया के बीच यह चर्चा होने लगी कि वह मीडिया के सामने क्यों नहीं आ रही हैं और क्या उनकी तबीयत खराब है। बसपा प्रमुख ने कहा कि उनके लगातार सोशल मीडिया पर बयान देने को उनकी बीमारी से जोड़कर देखा जा रहा था। इसी को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने खुद मीडिया से बातचीत करने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बीमार होने की अफवाह आकाश आनंद और उनके करीबियों की ओर से फैलाई गई। हालांकि, मायावती ने यह भी कहा कि किसी के इरादे के बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।
आकाश आनंद ने फोन कर पूछा था मायावती का हाल?
मायावती ने इस दौरान एक कथित फोन कॉल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके आवास पर मौजूद पार्टी प्रभारी आलोक कुमार के पास रात करीब 10 बजे आकाश आनंद का फोन आया था। मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद ने आलोक कुमार से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और जानना चाहा कि क्या वह बीमार चल रही हैं। इस पर आलोक कुमार ने उन्हें बताया कि मायावती पूरी तरह ठीक हैं और अपने काम में सक्रिय हैं। मायावती का दावा है कि बातचीत के दौरान आकाश आनंद ने कहा कि इस बारे में बहनजी को जानकारी न दी जाए और इसके बाद फोन काट दिया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आकाश आनंद की मंशा सही थी या गलत, यह वह नहीं जानतीं, लेकिन उनके मुताबिक वह अभी भी अपने स्तर पर फैसले नहीं ले रहे हैं।
अशोक सिद्धार्थ का भी लिया नाम
मायावती ने आकाश आनंद पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि वह अब भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद अभी भी अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में हैं और उन्हीं के इशारे पर काम कर रहे हैं। मायावती पहले भी आकाश आनंद को लेकर कई बार सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद दोनों के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ गई है।
यूपी और उत्तराखंड की जिम्मेदारी खुद संभालेंगी मायावती
मीडिया से बातचीत के दौरान मायावती ने बसपा के संगठनात्मक ढांचे में किए गए बदलाव की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के संगठन को तीन सेक्टर में बांटा गया है। पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। मायावती ने कहा कि इन दोनों राज्यों में पार्टी के संगठन और गतिविधियों की निगरानी वह खुद करेंगी। पार्टी के कामकाज की जानकारी वह लखनऊ से लेती रहेंगी और जरूरत के मुताबिक नेताओं से फोन पर भी बातचीत करेंगी।
बाकी राज्यों के लिए भी तय किए गए सेक्टर प्रभारी
बसपा सुप्रीमो ने बताया कि देश के अन्य राज्यों को दो अलग-अलग सेक्टर में बांटा गया है। इन सेक्टरों की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। संबंधित प्रभारी नियमित तौर पर संगठन से जुड़ी जानकारी देंगे। मायावती के मुताबिक, दोनों सेक्टरों के केंद्रीय प्रभारी दिल्ली में अपनी रिपोर्ट देंगे। संगठन की समीक्षा के लिए करीब डेढ़ महीने के अंतराल पर बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार संभालेंगे।