मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में जारी उठापटक के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो सांसद आज एकनाथ शिंदे गुट में जा रहे हैं, वे कभी उनके नाम और शिवसेना की विचारधारा के दम पर चुनाव जीते थे।
उद्धव ठाकरे ने कहा, “शिवसैनिक आज भी मेरे साथ मजबूती से खड़े हैं। जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी है, उनके व्यवहार को देखकर अब हैरानी होती है। कभी-कभी यह सोचकर शर्म महसूस होती है कि वे इतने साल हमारे साथ कैसे रहे।”
उन्होंने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय जनता ने उन्हें व्यक्तिगत पहचान से ज्यादा शिवसेना और ठाकरे परिवार के भरोसे वोट दिया था। “आज वही लोग कह रहे हैं कि हमारे साथ रहने से कोई फायदा नहीं था, लेकिन सच यह है कि वे मेरे नाम और पार्टी की वजह से ही संसद पहुंचे थे,” उन्होंने कहा।
उद्धव ठाकरे ने केंद्र और राज्य की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसानों को कोई गारंटी नहीं मिलती, लेकिन कुछ नेताओं के पास केवल “झूठी गारंटी” है। उन्होंने संकेत दिया कि सत्ता के लिए राजनीतिक नैतिकता को पीछे छोड़ा जा रहा है।
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हालिया मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी और आने वाले दिनों में उसके नतीजे सामने आएंगे।
दरअसल, शुक्रवार को महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे एक ही फ्लाइट से मुंबई से नागपुर जाते दिखाई दिए। राजनीतिक तनाव के माहौल के बावजूद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत भी की।
उसी फ्लाइट में शिवसेना (यूबीटी) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिनमें आदित्य ठाकरे, संजय राउत, अनिल देसाई और विनायक राउत शामिल थे। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
महाराष्ट्र में यह सियासी हलचल ऐसे समय तेज हुई है, जब हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों ने शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी संकेत दिए हैं कि उनका ‘ऑपरेशन टाइगर’ अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।