पश्चिम बंगाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वित्तीय स्थिति को लेकर एक ऑडिट रिपोर्ट चर्चा में है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए तैयार की गई यह रिपोर्ट 31 मार्च 2025 तक के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें पार्टी की संपत्तियों और बैंक खातों का विवरण सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न बैंक खातों में कुल 625.79 करोड़ रुपये जमा हैं। इसके अलावा पार्टी के पास लगभग 250.77 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी है। इस प्रकार बैंक बैलेंस और एफडी को मिलाकर पार्टी की कुल बैंकिंग संपत्ति 876.57 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
नकदी का भी उल्लेख
ऑडिट रिपोर्ट में पार्टी के पास 50 करोड़ रुपये के चेक और करीब 31.28 लाख रुपये नकद होने का भी जिक्र किया गया है। यह नकदी पार्टी के केंद्रीय और क्षेत्रीय कार्यालयों में उपलब्ध बताई गई है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थापना 1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी ने की थी। कांग्रेस से अलग होने के बाद उन्होंने इस पार्टी का गठन किया और पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरीं।
2011 में पहली बार सत्ता में आई थी पार्टी
तृणमूल कांग्रेस ने 2011 के विधानसभा चुनाव में लंबे समय से सत्ता में रहे वाम मोर्चे को हराकर सरकार बनाई थी। इसी के साथ ममता बनर्जी पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं। इसके बाद पार्टी ने लगातार राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी यह रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों और पार्टी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल, यह ऑडिट रिपोर्ट तृणमूल कांग्रेस की वित्तीय क्षमता और संगठनात्मक संसाधनों को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।