झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited (जेयूएसएनएल) ने सुरदा में 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के हजारों परिवारों को लंबे समय से चली आ रही बिजली संकट और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
संचरण निगम के प्रबंध निदेशक केके वर्मा ने ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से परियोजना के उद्घाटन के लिए समय मांगा है। विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री इसका लोकार्पण करेंगे। करीब 44.22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस आधुनिक परियोजना में 50-50 एमवीए के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जिससे ग्रिड की कुल क्षमता 100 एमवीए हो गई है। साथ ही 132 केवी धालभूमगढ़-जादूगोड़ा ट्रांसमिशन लाइन को लूप इन-लूप आउट (LILO) तकनीक के जरिए ग्रिड से जोड़ा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ग्रिड शुरू होने के बाद क्षेत्र में 30 से 40 मेगावाट तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा सुरदा, घाटशिला, आसनबनी और आसपास के ग्रामीण इलाकों को मिलेगा, जहां लोग लंबे समय से बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या झेल रहे हैं।
नई व्यवस्था से घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही पूर्वी सिंहभूम के खनन और औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर बिजली आपूर्ति का फायदा होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मजबूती मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।