पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को अपने परिवार के साथ पटना सिटी स्थित गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पंजाब में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए बनाए गए विशेष कानून की सफलता की कामना की। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी के साथ जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर पार्टी की ओर से राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की गई है। मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में लोकतंत्र की हत्या की गई है।
उन्होंने बीजेपी पर अन्य दलों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा को दूसरे दलों के विधायकों को खरीदने और पार्टियां तोड़ने की राजनीति छोड़कर देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए। बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब में एसआईआर लागू किए जाने के सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में सही वोटरों का नाम काटने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल और सोने के इस्तेमाल को कम करने की अपील पर भी पंजाब के मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता को यह बताना चाहिए कि देश में पेट्रोल-डीजल और सोने का कितना स्टॉक बचा हुआ है। भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अघोषित लॉकडाउन जैसे हालात बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से विदेश यात्रा कम करने और घर से काम करने की अपील कर रहे हैं, जबकि खुद विदेश दौरे पर जा रहे हैं।
महंगाई के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगाई पर नियंत्रण पाने में विफल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखा गया, लेकिन चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।