श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर 3 बजे आयोजित होगी। इस बैठक का सबसे अहम एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लेना है। दोनों ने राम मंदिर के दान-पात्रों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विवाद के बाद नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया था। बैठक में दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को लेकर गठित एसआईटी (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, रिक्त पदों पर नए सदस्यों की नियुक्ति और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी।
स्थायी ट्रस्टियों के हाथ में है फैसला
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से स्वतंत्र संस्था है। ट्रस्ट के सभी महत्वपूर्ण फैसले केवल स्थायी ट्रस्टियों द्वारा लिए जाते हैं। सरकार के प्रतिनिधि ट्रस्ट में सदस्य जरूर हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है। ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2019 के ऐतिहासिक फैसले के बाद फरवरी 2020 में किया गया था। वर्तमान में ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों का प्रावधान है, हालांकि फिलहाल एक पद रिक्त होने के कारण 14 सदस्य हैं। इनमें चार पदेन सदस्य ऐसे हैं जिन्हें मतदान का अधिकार नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी जुड़ेंगे सदस्य
जो सदस्य व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लेंगे। ट्रस्ट की बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाती है। पिछली बैठक 21 मार्च को रामनवमी की तैयारियों के संबंध में हुई थी।
इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
बैठक में ट्रस्ट की वर्तमान संरचना में संभावित बदलाव, रिक्त पदों पर नए स्थायी ट्रस्टियों के चयन और मंदिर प्रबंधन की आगामी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जाएगा। किसी नए स्थायी ट्रस्टी की नियुक्ति के लिए मौजूदा स्थायी सदस्यों के बहुमत की मंजूरी आवश्यक होती है। वर्तमान में आरती पास और वीआईपी पास जारी करने सहित प्रशासनिक अधिकार चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित सदस्य गोपाल नागरकट्टे (राव) के पास रहे हैं।
ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य
- गोविंद गिरि महाराज – कोषाध्यक्ष और वित्तीय मामलों के प्रभारी।
- स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती – ज्योतिष पीठ, प्रयागराज के शंकराचार्य।
- स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज – उडुपी के पेजावर मठ के प्रमुख।
- युगपुरुष परमानंद गिरि महाराज – हरिद्वार के प्रमुख संत।
- महंत दिनेंद्र दास – निर्मोही अखाड़े के वरिष्ठ संत।
- कृष्ण मोहन – दिवंगत कामेश्वर चौपाल के स्थान पर ट्रस्ट में शामिल सदस्य।
- के. पारासरन – वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी।
- नृपेंद्र मिश्रा – मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष।
बैठक के प्रमुख एजेंडे
- चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय।
- दान-पात्रों की राशि को लेकर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा।
- मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा।
- रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन पर विचार।
- अध्यक्ष की अनुमति से अन्य आवश्यक विषयों पर निर्णय।