आईपीएच सभागार, नामकुम में आयोजित हुआ सम्मान सह विदाई समारोह, वक्ताओं ने उनके अनुशासन, कार्यशैली एवं जनसेवा के प्रति समर्पण को किया याद
निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल के सम्मान में शुक्रवार को आईपीएच सभागार, नामकुम में सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. कमलेश सहित स्वास्थ्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि डॉ. सिद्धार्थ सान्याल की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहज कार्यशैली और सभी से समन्वय बनाकर काम लेने की क्षमता रही है। वे लोगों को समझाकर काम करवाने में विश्वास रखते थे। उन्होंने कभी किसी के विरुद्ध कार्रवाई करने की नौबत नहीं आने दी। उनकी कार्यशैली में अनुशासन, समय की पाबंदी और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने डॉ. सान्याल को कभी एक मिनट भी विलंब से आते नहीं देखा। वे हमेशा समय का सदुपयोग करते थे।
श्री झा ने कहा कि यह केवल विदाई समारोह नहीं, बल्कि उनके योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है। डॉ. सिद्धार्थ सान्याल एक चिकित्सक होने के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक की भूमिका में भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. सान्याल जैसे अनुशासित व्यक्ति बहुत कम देखने को मिलते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के प्रति उनकी भूमिका और जिम्मेदारी बनी रहेगी।
इस अवसर पर भावुक संबोधन में डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए भावनाओं से भरा हुआ है। इस विभागीय परिवार ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और उन्होंने भी इस परिवार से बहुत कुछ सीखा है। वर्ष 1988 में सेवा में योगदान देने के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय वे नदी पार कर नवादा में जाकर अपनी सेवाएं देते थे।
उन्होंने कहा कि यह एक ओर बिछड़ने का समय है, तो दूसरी ओर बेहतर भविष्य की नई शुरुआत का अवसर भी है। यह केवल एक पद से निवृत्त होने का अवसर नहीं है, बल्कि जनसेवा के एक लंबे सफर का पड़ाव है। उन्होंने हमेशा मानवता की सेवा और जरूरतमंद लोगों को जीवन देने की भावना से काम किया। एक चिकित्सक के लिए सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यही होता है कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को बेहतर उपचार मिले और उसका जीवन बचाया जा सके।
डॉ. सान्याल ने कहा कि प्रशासनिक और चिकित्सकीय कार्यों में कई बार ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं, जो आसान नहीं होते। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा प्रयास किया कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के महत्व को समझते हुए जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन ये उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति की नहीं हैं। इसका श्रेय पूरे विभाग, अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत एवं सामूहिक प्रयासों को जाता है।
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यदि उनके किसी निर्णय से किसी को ठेस पहुंची हो तो वे उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं। उन्होंने हमेशा प्रयास किया कि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, लेकिन समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्व का यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।


