प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। झांसी और लखनऊ समेत कई स्थानों पर की गई यह कार्रवाई कथित आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच
ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। आरोप है कि गरौठा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव ने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी को संदेह है कि रियल एस्टेट और अन्य कारोबारी गतिविधियों से जुड़ी कई कंपनियों और एलएलपी (LLP) के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए गए।
60 आपराधिक मामलों की भी जांच
ईडी के मुताबिक, इस मामले से जुड़े 23 से अधिक एफआईआर पहले से दर्ज हैं। शुरुआती जांच में पूर्व विधायक और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ करीब 60 आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, रंगदारी, हत्या के प्रयास, डकैती समेत कई गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। इसके अलावा यूपी गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हैं।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। एजेंसी इन सभी रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि धन के स्रोत, संपत्तियों के अधिग्रहण और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी बरामद दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।