मुहर्रम के दौरान कथित तौर पर जहरीली गोलियां बांटने के मामले में गिरफ्तार आरोपी फैयाज प्रेमजी को लेकर पुलिस जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि वह अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों से इतना टूट चुका था कि उसने पूरी दुनिया को ही अपना दुश्मन मान लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी समाज से बदला लेने की मानसिकता में था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर कहा कि उसके साथ जो कुछ हुआ, उसके लिए वह पूरी दुनिया को जिम्मेदार मानता था। इसी कारण उसने लोगों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए हैं। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव और निराशा में रहने लगा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी का पहले कभी किसी मानसिक बीमारी का इलाज चला था या उसकी कोई मेडिकल हिस्ट्री रही है।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि उसने AI टूल्स और इंटरनेट की मदद से जिंक फॉस्फाइड के प्रभावों के बारे में जानकारी जुटाई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि आरोपी ने जहरीला पदार्थ कहां से और कैसे हासिल किया।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पुणे में रहता था और उसके घर में चूहों की समस्या काफी अधिक थी। इसी वजह से उसे जिंक फॉस्फाइड जैसे रसायनों की जानकारी थी। पुलिस को यह भी पता चला है कि उसने अपने मोबाइल पर यह सर्च किया था कि कितनी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल शरीर पर कितना असर डाल सकता है।
पुलिस अब इस पूरे मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया या उसके पीछे कोई और भी शामिल था।