रविवार को सकौती स्थित हितकारी किसान इंटर कॉलेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने महंगाई, गरीबी और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इन मुद्दों पर सच्चाई छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ रहा है, जबकि किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के फैसलों पर बाहरी प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करते हुए कहा कि तेल खरीद जैसे मुद्दों पर बाहरी बयानबाजी से देश की स्थिति प्रभावित होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत हैं, तो पहले से देश को संभावित संकटों के लिए तैयार किया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को मजबूत और एकजुट होकर ही “विश्व गुरु” बनने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र पर राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
पंजाब की व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाती है और भुगतान सीधे उनके खातों में समय पर पहुंचता है। किसानों को पर्याप्त बिजली भी उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की 20 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों से जाट समाज के लोग शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक अध्यक्ष रामावतार पलसानिया ने कहा कि यह प्रतिमा समाज के आत्मसम्मान और इतिहास की पहचान का प्रतीक है। इस दौरान समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 11 प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें युवाओं को शिक्षा व कौशल विकास के लिए प्रेरित करना, नशामुक्ति अभियान चलाना, आरक्षण से जुड़े प्रयास और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना शामिल है।