हैदराबाद:आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा से सटे हैदराबाद इलाके में एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 25 वर्षीय महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने मानसिक तनाव के चलते मंदिर में घुसकर देवी अम्मावरु की पवित्र मूर्ति उठा ली और पास के एक गहरे तालाब में छलांग लगा दी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती का शव तो तालाब से निकाल लिया है, लेकिन पवित्र मूर्ति की तलाश अब भी जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और गहरे अवसाद से जूझ रही थी।
बेंगलुरु की नामी कंपनी में थी टेकअवे, पारिवारिक कलह ने तोड़ा
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, 25 साल की यह युवती पहले बेंगलुरु में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थी। हालांकि, मानसिक स्थिति बिगड़ने के कारण उसने नौकरी छोड़ दी और कुछ समय विशाखापत्तनम में बिताया। बताया जा रहा है कि उसके माता-पिता के बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा है, जिसके कारण उसके पिता विशाखापत्तनम में अलग रहते हैं, जबकि मां हैदराबाद के पीरजादिगुडा में रह रही थीं। इस पारिवारिक कलह का युवती के दिमाग पर गहरा और विपरीत असर पड़ा था।
मां को कमरे में किया बंद, फिर अंजाम दी खौफनाक वारदात
घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने बताया कि 17 जुलाई को युवती अपनी मां के साथ मियापुर इलाके में एक नया फ्लैट (2 BHK अपार्टमेंट) खरीदने के सिलसिले में देखने गई थी। वहां से लौटने के बाद रात को दोनों अपने-अपने कमरों में सोने चली गईं। देर रात युवती ने अचानक अपनी मां के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
इसके बाद वह मानसिक विक्षिप्तता की स्थिति में बिना कपड़ों के घर से निकली और सीधे नजदीक स्थित मंदिर पहुंच गई। वहां उसने गर्भगृह से देवी की मूर्ति उठाई और भागते हुए पास के तालाब में कूद गई। शनिवार सुबह जब स्थानीय लोगों ने तालाब में शव देखा, तब जाकर पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
मां-बेटी दोनों के दिल में था कोई अनजाना डर, मूर्ति की तलाश जारी
जांच का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया: “मृतक महिला और उसकी मां दोनों ही पिछले कुछ समय से किसी अज्ञात भय और मानसिक असुरक्षा की भावना से ग्रस्त थीं। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है और विशाखापत्तनम में रह रहे उसके पिता को भी हादसे की इत्तला दे दी गई है।”
फिलहाल पुलिस मृतका के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और घटना से पहले के दिनों में उसकी हर गतिविधि की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है। गोताखोरों की टीम तालाब में डूबी उस मूर्ति को ढूंढने में लगी है, जिसे पुलिस केस का सबसे अहम सबूत मान रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।