हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के भरखनी ब्लॉक स्थित संविलियन विद्यालय साहुआपुर में कक्षा 8 की छात्रा क्षमा दीक्षित की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। छात्रा के पिता उमेश दीक्षित ने स्कूल के शिक्षक राजेंद्र कुमार गंगवार पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सहपाठी छात्रा से बातचीत को लेकर हुए विवाद की शिकायत करने के बाद शिक्षक ने क्षमा के साथ मारपीट की, जिसमें उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद क्षमा की तबीयत बिगड़ती चली गई। उसे इलाज के लिए फर्रुखाबाद ले जाया गया, जहां 26 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 30 अगस्त को छात्रा की मौत हो गई।
मौत से पहले का वीडियो वायरल
इस मामले में छात्रा की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कथित तौर पर अपने साथ हुई मारपीट के बारे में बताती दिखाई दे रही है। परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के पिता विद्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय शिक्षक की ओर से बच्ची का इलाज कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में विद्यालय की ओर से उसकी तबीयत को लेकर कोई जानकारी नहीं ली गई। हालांकि, छात्रा की मौत की वास्तविक वजह और उसके साथ हुई घटना की परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
पिता ने पुलिस को दी तहरीर
बेटी की मौत के बाद पिता उमेश दीक्षित ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ विद्यालय में मौजूद शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज करने तथा छात्रा के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील सिंह ने विद्यालय पहुंचकर जानकारी ली। शिक्षा विभाग के अनुसार, विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक अक्षत और सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
छात्रा का फर्रुखाबाद में पोस्टमार्टम कराया गया है। अब पुलिस और प्रशासन को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस का कहना है कि पिता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छात्रा की मौत और घटना से जुड़ा कथित वीडियो सामने आने के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, उनकी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही छात्रा की मौत की वास्तविक वजह और मामले में जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।