हरियाणा के बहादुरगढ़ में रविवार तड़के पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शूटर मारे गए। पुलिस के मुताबिक, मारे गए आरोपियों की पहचान परवेश और हिमांशु के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या समेत कई संगीन मामलों में आरोप थे और उन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनकाउंटर के दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए, जबकि पुलिस का एक कांस्टेबल भी गोली लगने से जख्मी हो गया। घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गई।
एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, काउंटर इंटेलिजेंस और दिल्ली स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि दोनों शूटर हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बहादुरगढ़ इलाके में घेराबंदी की। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपियों को बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल कांस्टेबल को बेहतर इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों शूटर पिछले महीने हांसी में हुए जिम संचालक कपिल हत्याकांड में शामिल थे। 25 वर्षीय कपिल की फव्वारा चौक के पास बाइक सवार हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने कुछ ही सेकेंड में कई राउंड फायरिंग की थी। इस वारदात की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और जितेंद्र गोगी गैंग से जुड़े बदमाशों ने ली थी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों आरोपी किन-किन आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और उनके अन्य साथियों का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।