रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों का परिश्रम छत्तीसगढ़ की समृद्धि का आधार है. खेती-किसानी प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की रीढ़ है. किसानों की खुशहाली से ही गांवों का विकास और प्रदेश की समृद्धि सुनिश्चित हो सकती है.
मनहरण लाल पाण्डेय के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन जनसेवा के लिए समर्पित था. उनका खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन से गहरा जुड़ाव रहा. उन्होंने सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी स्मृति में किसानों और समाजसेवियों को सम्मानित करने की पहल सराहनीय है.
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान जैसे आयोजन किसानों के योगदान को पहचान देने के साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और उन्नत खेती को बढ़ावा देते हैं. इससे दूसरे किसान भी बेहतर कृषि पद्धतियां अपनाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित होते हैं.
किसानों की सुविधा के लिए खुलेंगे 360 नए धान खरीदी केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी दिशा में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को ध्यान में रखते हुए किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है.
उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए पिछले दो वर्षों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, खेती की लागत कम करना और कृषि से जुड़ी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.