समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार सुबह लखनऊ में उनका निधन हुआ, जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मौत की परिस्थितियों को लेकर अब जांच की मांग उठने लगी है।
सपा विधायक ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि प्रतीक यादव की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मौत सामान्य होती तो पोस्टमार्टम की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक यादव की मौत हो चुकी थी और उन्हें अस्पताल लाने में देरी हुई। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कराई जानी चाहिए।
पूर्व जज की निगरानी में जांच की मांग
रविदास मेहरोत्रा ने मांग की कि मामले की जांच किसी पूर्व हाईकोर्ट जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की शुरुआती जानकारी के अनुसार मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई बताई जा रही है।
राजनीति से दूर रहते थे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना कारोबार संभालते थे। वह फिटनेस और रियल एस्टेट बिजनेस से जुड़े हुए थे। लखनऊ में उनका जिम भी संचालित होता था। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह 38 वर्ष के थे। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। उनके परिवार में पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियां हैं।