नोएडा| नोएडा में श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी कई इलाकों में हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। सेक्टर-121 और सेक्टर-70 में स्थिति खासतौर पर तनावपूर्ण रही, जहां हिंसक झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा।
कई सेक्टरों में भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-121 में बड़ी संख्या में जुटे मजदूर अचानक उग्र हो गए और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। वहीं, सेक्टर-80 में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं, जहां पुलिस ने कार्रवाई कर भीड़ को तितर-बितर किया।
सेक्टर-70 में भी प्रदर्शन के दौरान मजदूरों और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
फैक्ट्री के बाहर जुटे श्रमिक
सेक्टर-63 स्थित एक फैक्ट्री के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रमिक इकट्ठा हो गए। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने 15 तारीख तक छुट्टी का नोटिस जारी किया था। मजदूरों को आशंका थी कि अनुपस्थित रहने पर वेतन काटा जा सकता है। पुलिस और पीएसी ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों को समझाया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
‘11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं’
नोएडा फेज-2 में भी वेतन बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन जारी है। कर्मचारी 20 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान ‘11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं’ जैसे नारे लगाए गए। कुछ जगहों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं।
आहूजा फैक्ट्री के बाहर शांत प्रदर्शन
वहीं, आहूजा फैक्ट्री के बाहर श्रमिकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। मजदूरों की मांग है कि सरकार द्वारा तय वेतन दरों को फैक्ट्री गेट पर नोटिस के रूप में लगाया जाए। साथ ही कुशल और अकुशल श्रमिकों के भत्तों में समानता की मांग भी उठाई गई।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनियां 9 महीने बाद कर्मचारियों को निकालकर दोबारा भर्ती करती हैं, ताकि भत्ते बढ़ाने से बचा जा सके। उनका कहना है कि अप्रेंटिस के दौरान 90 रुपये प्रति घंटा मिलने वाला भत्ता एक साल बाद घटाकर 50 रुपये कर दिया जाता है।
इन इलाकों में ज्यादा असर
प्रशासन के मुताबिक सेक्टर-60, 62, 63 और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोमवार को सेक्टर-63 में सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली, जहां आईटी कंपनियों, कार शोरूम और अन्य परिसरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। सेक्टर-63 थाने पर भी पथराव हुआ, जिसमें SHO अमित काकरान घायल हो गए।
श्रमिकों की मुख्य मांगें
- अकुशल श्रमिकों को 12 हजार और कुशल को 20 हजार वेतन
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान
- हर महीने की 10 तारीख तक वेतन
- सप्ताह में एक दिन अवकाश
- नवंबर तक बोनस का भुगतान
- सुरक्षित कार्य वातावरण
पुलिस अलर्ट मोड पर
बढ़ते तनाव को देखते हुए नोएडा पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
- सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
- PAC और RAF की तैनाती
- आसपास के जिलों से अतिरिक्त बल बुलाया गया
- सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
पुलिस का दावा है कि हालात काबू में हैं और कहीं भी फायरिंग नहीं की गई है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएम मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। वहीं, नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ने एहतियातन औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का निर्णय लिया है।