भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने 9 मई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में उनसे अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया है।
WFI की ओर से जारी 15 पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि विनेश फोगाट के आचरण से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। महासंघ ने उन पर WFI संविधान और UWW एंटी डोपिंग नियम 2015 के उल्लंघन का आरोप लगाया है। नोटिस में चार प्रमुख आरोपों पर जवाब मांगा गया है, जिनमें 2024 पेरिस ओलंपिक के दौरान तय सीमा से अधिक वजन पाए जाने का मामला भी शामिल है। इसी कारण उन्हें उस समय अयोग्य घोषित कर दिया गया था। भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट की जून 2026 में होने वाले घरेलू टूर्नामेंटों में वापसी पर भी रोक लगा दी है। महासंघ का कहना है कि संन्यास से वापसी के बाद जरूरी छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया गया।
वहीं यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी खिलाड़ी को दोबारा कुश्ती में वापसी करने के लिए कम से कम छह महीने पहले इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) या अंतरराष्ट्रीय महासंघ को इसकी जानकारी देनी होगी। साथ ही खिलाड़ी को एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना भी जरूरी है। वाडा नियम 5.6.1 के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी लंबे समय तक डोप टेस्टिंग सिस्टम से बाहर रहता है, तो वह सीधे किसी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकता।
WFI ने विनेश फोगाट को नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया है। साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि वह 26 जून तक किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। इसमें 10 से 12 मई तक गोंडा में आयोजित होने वाला नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल है, जिसमें उनके वापसी करने की संभावना जताई जा रही थी।